सपनों के-से दिन
CBSE · Class 10 · Hindi
Flashcards for सपनों के-से दिन — CBSE Class 10 Hindi. Quick Q&A cards covering key concepts, definitions, and formulas.
'सपनों के-से दिन' के लेखक कौन हैं और यह पाठ किस विधा में लिखा गया है?
Answer
यह एक आत्मकथात्मक संस्मरण है जो लेखक के बचपन के स्कूली जीवन का वर्णन करता है। यह गद्य विधा में लिखा गया है और इसमें व्यक्तिगत अनुभवों का मार्मिक चित्रण है। संस्मरण का अर्थ है - अतीत की स्मृतियों का सा
लेखक के बचपन के मित्रों की शारीरिक स्थिति का वर्णन कीजिए।
Answer
लेखक के सभी मित्रों की दशा एक जैसी थी - नंगे पाँव, फटी-मैली कच्छी, टूटे बटन वाले फटे कुर्ते, और बिखरे बाल। वे गरीब परिवारों से थे और उनके कपड़े धूल-मिट्टी से भरे रहते थे। यह तत्कालीन समाज की गरीबी और
'बाल-मनोविज्ञान' शब्द का प्रयोग पाठ में कहाँ हुआ है और इसका क्या अर्थ है?
Answer
जब लेखक अध्यापक बनने के लिए प्रशिक्षण ले रहा था तो उसने बाल-मनोविज्ञान पढ़ा। तब उसे समझ आया कि बच्चों को खेलना इतना अच्छा क्यों लगता है कि पिटाई के बाद भी वे फिर खेलने चले आते हैं। बाल-मनोविज्ञान = बच
तत्कालीन समाज में बच्चों की शिक्षा के प्रति क्या दृष्टिकोण था?
Answer
अधिकतर माता-पिता अपने बच्चों को स्कूल भेजना जरूरी नहीं समझते थे। परचूनिए और आढ़तिए भी कहते थे - 'हमें इसे क्या तहसीलदार बनाना है।' वे पंडित घनश्याम दास से लंडे (हिसाब-किताब की लिपि) सिखवाकर दुकान पर ब
'लंडे' और 'बहियाँ' शब्दों का अर्थ स्पष्ट कीजिए।
Answer
लंडे = हिसाब-किताब लिखने की पंजाबी प्राचीन लिपि। बहियाँ = दुकान के हिसाब-किताब का ब्यौरा जिसमें लेन-देन का रिकार्ड रखा जाता था। ये दोनों व्यापारिक गतिविधियों से जुड़े शब्द हैं और उस समय की व्यावसायिक
लेखक के मुहल्ले में रहने वाले लोग कहाँ से आए थे और वे कैसे थे?
Answer
अधिकतर परिवार आसपास के गाँवों से आकर बसे थे। आधे से अधिक साथी राजस्थान या हरियाणा से आकर मंडी में व्यापार या दुकानदारी करने आए परिवारों से थे। भाषा की भिन्नता के बावजूद भी बच्चे खेल में एक-दूसरे की बा
'एह खेडण ने दिन चार' का क्या अर्थ है और यह कैसे बीत गए?
Answer
यह एक पंजाबी लोकोक्ति है जिसका अर्थ है - खेलने के ये चार दिन (अर्थात् बचपन के दिन)। लेखक को पता ही नहीं चला कि बचपन के ये सुनहरे दिन कैसे और कब बीत गए। यह बचपन की क्षणभंगुरता और समय की तीव्र गति को दर
बचपन में प्राकृतिक सौंदर्य की अनुभूति के बारे में लेखक क्या कहता है?
Answer
'बचपन में घास अधिक हरी और फूलों की सुगंध अधिक मनमोहक लगती है।' यह वाक्य लेखक को आधी शती (50 वर्ष) बाद भी याद है क्योंकि यह बचपन की भावनाओं के अनुकूल था। बचपन में संवेदनाएँ अधिक तीव्र होती हैं और प्रकृ
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Sources & Official References
- NCERT Official — ncert.nic.in
- CBSE Academic — cbseacademic.nic.in
- CBSE Official — cbse.gov.in
- National Education Policy 2020 — education.gov.in
Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.
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