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Chapter 34 of 38
Flashcards

हे भूख! मत मचल / हे मेरे जूही के फूल जैसे ईश्वर

CBSE · Class 11 · Hindi

Flashcards for हे भूख! मत मचल / हे मेरे जूही के फूल जैसे ईश्वर — CBSE Class 11 Hindi. Quick Q&A cards covering key concepts, definitions, and formulas.

45 questions20 flashcards5 concepts
20 Flashcards
Card 1कवि परिचय

अक्कमहादेवी कौन थीं और उनका जन्म कब और कहाँ हुआ था?

Answer

अक्कमहादेवी 12वीं सदी की कन्नड़ संत कवयित्री थीं। उनका जन्म कर्नाटक के उडुपी गाँव, शिवमोगा जिले में हुआ था। वे वीर शैव आंदोलन की प्रमुख कवयित्री थीं और चन्नमल्लिकार्जुन (शिव) उनके आराध्य थे। कन्नड़ मे

Card 2सामाजिक पृष्ठभूमि

वीर शैव आंदोलन क्या था और अक्कमहादेवी का इससे क्या संबंध था?

Answer

वीर शैव आंदोलन 12वीं सदी का एक धार्मिक और सामाजिक सुधार आंदोलन था। अक्कमहादेवी इस आंदोलन से जुड़ी महत्वपूर्ण कवयित्री थीं। इनके कारण बड़ी संख्या में स्त्रियाँ (विशेषकर निचले तबकों की) इस आंदोलन से जुड

Card 3काव्य विश्लेषण

पहले वचन 'हे भूख! मत मचल' में कवयित्री किससे और क्यों निवेदन कर रही है?

Answer

अक्कमहादेवी अपनी इंद्रियों (भूख, प्यास, नींद, क्रोध, मोह, लोभ, मद, ईर्ष्या) से निवेदन कर रही हैं कि वे उन्हें परेशान न करें। यह इंद्रियों पर नियंत्रण का संदेश है जो उपदेशात्मक नहीं बल्कि प्रेम भरा मनु

Card 4आध्यात्मिकता

दूसरे वचन 'हे मेरे जूही के फूल जैसे ईश्वर' में कवयित्री क्या प्रार्थना कर रही है?

Answer

कवयित्री ईश्वर से प्रार्थना कर रही है कि वे उससे भीख मँगवाएं और ऐसी स्थिति बनाएं कि वह पूर्णतः निस्पृह हो जाए। वह चाहती है कि उसकी झोली खाली रहे, कोई भी चीज़ उसके पास न रुके ताकि वह पूर्ण समर्पण की स्

Card 5धार्मिक संदर्भ

'चन्नमल्लिकार्जुन' कौन हैं और अक्कमहादेवी के लिए इनका क्या महत्व है?

Answer

चन्नमल्लिकार्जुन शिव का एक रूप हैं जो अक्कमहादेवी के आराध्य देव थे। 'चन्न' का अर्थ सुंदर और 'मल्लिकार्जुन' शिव का नाम है। अक्कमहादेवी की संपूर्ण भक्ति और समर्पण इन्हीं के लिए था। वे अपने वचनों में बार

Card 6कवि परिचय

पाश का वास्तविक नाम क्या था और उनका जन्म कब और कहाँ हुआ?

Answer

पाश का मूल नाम अवतार सिंह संधू था। उनका जन्म सन् 1950 में तलवंडी सलेम गाँव, जिला जालंधर (पंजाब) में हुआ था। वे समकालीन पंजाबी साहित्य के महत्वपूर्ण कवि थे और 1988 में खालिस्तानियों के हाथों शहीद हो गए

Card 7काव्य संदेश

पाश की कविता 'सबसे खतरनाक' का मूल संदेश क्या है?

Answer

कविता का मूल संदेश यह है कि भौतिक कष्ट (मेहनत की लूट, पुलिस की मार) उतने खतरनाक नहीं हैं जितनी आत्मिक मृत्यु। सबसे खतरनाक स्थिति तब होती है जब इंसान की संवेदनाएं मर जाती हैं, सपने समाप्त हो जाते हैं औ

Card 8प्रतीकार्थ

कविता में 'मुर्दा शांति से भर जाना' को सबसे खतरनाक क्यों माना गया है?

Answer

'मुर्दा शांति से भर जाना' का अर्थ है जीवित होकर भी मृत की तरह निष्क्रिय हो जाना। जब व्यक्ति में संघर्ष की इच्छा समाप्त हो जाती है, वह अन्याय और अत्याचार को चुपचाप सहन करने लगता है, तो यही स्थिति सबसे

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Frequently Asked Questions

What are the important topics in हे भूख! मत मचल / हे मेरे जूही के फूल जैसे ईश्वर for CBSE Class 11 Hindi?

हे भूख! मत मचल / हे मेरे जूही के फूल जैसे ईश्वर covers several key topics that are frequently asked in CBSE Class 11 board exams. Focus on the core concepts listed on this page and practise related questions to build confidence.

Start by understanding all key concepts. Practise previous year questions from this chapter. Revise formulas and definitions regularly. Use flashcards for quick revision before the exam.

There are 20 flashcards for हे भूख! मत मचल / हे मेरे जूही के फूल जैसे ईश्वर covering key definitions, formulas, and concepts. Use them daily for 10–15 minutes for best results.

Sources & Official References

Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.