Skip to main content
Chapter 5 of 38
Flashcards

दोपहर का भोजन

CBSE · Class 11 · Hindi

Flashcards for दोपहर का भोजन — CBSE Class 11 Hindi. Quick Q&A cards covering key concepts, definitions, and formulas.

45 questions20 flashcards5 concepts
20 Flashcards
Card 1लेखक परिचय

कहानी 'दोपहर का भोजन' के लेखक कौन हैं? उनका मूल नाम क्या था?

Answer

अमरकांत इस कहानी के लेखक हैं। उनका मूल नाम श्रीराम वर्मा था। वे 1925-2014 में जीवित रहे और नई कहानी आंदोलन के प्रमुख कहानीकार थे।

Card 2मुख्य पात्र

सिद्धेश्वरी कौन है? कहानी में उसकी भूमिका क्या है?

Answer

सिद्धेश्वरी कहानी की मुख्य पात्र है जो मुंशी चन्द्रिका प्रसाद की पत्नी और तीन बच्चों की माँ है। वह एक निम्न मध्यवर्गीय गृहिणी है जो गरीबी के बावजूद अपने परिवार को बचाने की कोशिश करती है।

Card 3पारिवारिक संरचना

कहानी में तीन बेटों के नाम क्या हैं और उनकी उम्र कितनी है?

Answer

तीन बेटे हैं - रामचन्द्र (बड़ा, 21 वर्ष), मोहन (मंझला, 18 वर्ष), और प्रमोद (सबसे छोटा, 6 वर्ष)। रामचन्द्र प्रूफ रीडिंग सीख रहा है, मोहन हाई स्कूल की तैयारी कर रहा है।

Card 4कहानी की शुरुआत

कहानी की शुरुआत में सिद्धेश्वरी के साथ क्या होता है?

Answer

सिद्धेश्वरी खाना बनाने के बाद चूल्हा बुझाकर बैठ जाती है। उसे प्यास लगती है और वह खाली पेट पानी पीकर 'हाय राम!' कहकर जमीन पर लेट जाती है। यह दिखाता है कि वह भूखी है।

Card 5गरीबी का चित्रण

प्रमोद की शारीरिक स्थिति का वर्णन क्यों महत्वपूर्ण है?

Answer

प्रमोद की दुर्बल शारीरिक स्थिति - 'हाथ-पैर बासी ककड़ियों की तरह सूखे', 'पेट हंडिया की तरह फूला हुआ' - कुपोषण और गरीबी का प्रत्यक्ष प्रमाण है। यह परिवार की आर्थिक दुर्दशा को दर्शाता है।

Card 6पारिवारिक संबंध

सिद्धेश्वरी रामचन्द्र से मोहन के बारे में क्या झूठ बोलती है और क्यों?

Answer

वह कहती है कि मोहन किसी लड़के के यहाँ पढ़ने गया है, जबकि सच में उसे नहीं पता कि मोहन कहाँ है। यह झूठ वह पारिवारिक एकजुटता बनाए रखने और चिंता को छुपाने के लिए बोलती है।

Card 7व्यवहारिक विश्लेषण

रामचन्द्र खाना खाते समय क्या व्यवहार दिखाता है?

Answer

रामचन्द्र बहुत धीरे-धीरे छोटे टुकड़े तोड़कर खाता है। जब माँ अतिरिक्त रोटी देना चाहती है तो वह मना कर देता है और कहता है कि उसका पेट भर गया है। अंत में वह छुपकर बचा हुआ टुकड़ा भी खा लेता है।

Card 8संवेदनशीलता

मोहन रोटियों के बारे में क्या कहता है? इसका क्या अर्थ है?

Answer

मोहन कहता है कि रोटियाँ 'ऐसी बनी हैं कि खाई नहीं जातीं'। वास्तव में यह अच्छी तरह न बनने के कारण नहीं, बल्कि भूख छुपाने का तरीका है। वह माँ की भावनाओं को ठेस नहीं पहुँचाना चाहता।

+12 more flashcards available

Practice All

Get detailed flashcards for दोपहर का भोजन

Super Tutor gives you interactive content for every chapter of CBSE Class 11 Hindi — summaries, quizzes, flashcards, and more.

Try Super Tutor — It's Free

Frequently Asked Questions

What are the important topics in दोपहर का भोजन for CBSE Class 11 Hindi?

दोपहर का भोजन covers several key topics that are frequently asked in CBSE Class 11 board exams. Focus on the core concepts listed on this page and practise related questions to build confidence.

Start by understanding all key concepts. Practise previous year questions from this chapter. Revise formulas and definitions regularly. Use flashcards for quick revision before the exam.

There are 20 flashcards for दोपहर का भोजन covering key definitions, formulas, and concepts. Use them daily for 10–15 minutes for best results.

Sources & Official References

Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.