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Chapter 32 of 37
Flashcards

पहलवान की ढोलक

CBSE · Class 12 · Hindi

Flashcards for पहलवान की ढोलक — CBSE Class 12 Hindi. Quick Q&A cards covering key concepts, definitions, and formulas.

45 questions20 flashcards5 concepts
20 Flashcards
Card 1लेखक परिचय और कहानी की विशेषताएं

फणीश्वरनाथ रेणु की कहानी 'पहलवान की ढोलक' की मुख्य विशेषताएं क्या हैं?

Answer

यह कहानी आंचलिक कथा साहित्य की प्रतिनिधि रचना है। इसमें लोक-संस्कृति, पारंपरिक कलाओं का क्षरण, सामाजिक परिवर्तन का चित्रण है। कहानी में गद्य में संगीत की शक्ति, ध्वनि प्रतीकों का प्रयोग, और ग्रामीण जी

Card 2पात्र विश्लेषण

लुट्टन सिंह पहलवान का चरित्र-चित्रण कीजिए।

Answer

लुट्टन सिंह एक पारंपरिक पहलवान है जो बचपन से अनाथ था। वह सास के सहारे बड़ा हुआ और कसरत के बल पर प्रसिद्ध पहलवान बना। उसका व्यक्तित्व सरल, निष्कपट और बच्चों जैसा है। वह ढोलक को अपना गुरु मानता है। परिव

Card 3साहित्यिक शब्दावली

आंचलिकता

Answer

आंचलिकता का अर्थ है किसी विशेष अंचल की भाषा, संस्कृति, और जीवन-शैली का साहित्य में चित्रण। रेणु के साहित्य में बिहार के पूर्णिया अंचल की लोकभाषा, लोकगीत, लोकोक्ति, और ग्रामीण संस्कृति का प्रयोग मिलता

Card 4प्रतीकात्मक अर्थ

कहानी में ढोलक का प्रतीकात्मक अर्थ क्या है?

Answer

ढोलक पारंपरिक कलाओं और लोक-संस्कृति का प्रतीक है। यह जीवन शक्ति, साहस और संघर्ष की प्रेरणा देने वाला साधन है। महामारी के दौरान यह संजीवनी शक्ति भरती है। ढोलक की विभिन्न ध्वनियां - 'चट्-धा, गिड्-धा' (आ

Card 5कहानी के प्रमुख प्रसंग

लुट्टन पहलवान और चाँद सिंह की कुश्ती का वर्णन करें।

Answer

श्यामनगर मेले में लुट्टन ने प्रसिद्ध पंजाबी पहलवान चाँद सिंह (शेर का बच्चा) को चुनौती दी। प्रारंभ में चाँद सिंह हावी रहा, लुट्टन की स्थिति खराब थी। परंतु ढोलक की आवाज़ ने उसे प्रेरणा दी - 'दाँव काटो,

Card 6सामाजिक परिवर्तन

व्यवस्था परिवर्तन

Answer

कहानी में व्यवस्था परिवर्तन का अर्थ है पुरानी राजव्यवस्था का समाप्त होना और नई आधुनिक व्यवस्था का आना। वृद्ध राजा की मृत्यु के बाद विलायत से लौटे राजकुमार ने दंगल की जगह घुड़दौड़ को महत्व दिया। इससे प

Card 7शीर्षक की सार्थकता

कहानी का शीर्षक 'पहलवान की ढोलक' कितना उपयुक्त है?

Answer

शीर्षक अत्यंत उपयुक्त है क्योंकि: 1) ढोलक पहलवान का गुरु है और उसकी पहचान 2) यह लोक-कला और परंपरा का प्रतीक है 3) कहानी की शुरुआत से अंत तक ढोलक का महत्व है 4) यह जीवन-मृत्यु के संघर्ष में सहारा देती

Card 8लेखक की प्रमुख कृतियां

मैला आंचल

Answer

फणीश्वरनाथ रेणु का प्रसिद्ध आंचलिक उपन्यास (1954) जिसने हिंदी साहित्य में आंचलिकता की नई धारा शुरू की। इसमें बिहार के पूर्णिया जिले के ग्रामीण जीवन का यथार्थ चित्रण है। 'मैला' शब्द से पता चलता है कि अ

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Frequently Asked Questions

What are the important topics in पहलवान की ढोलक for CBSE Class 12 Hindi?

पहलवान की ढोलक covers several key topics that are frequently asked in CBSE Class 12 board exams. Focus on the core concepts listed on this page and practise related questions to build confidence.

Start by understanding all key concepts. Practise previous year questions from this chapter. Revise formulas and definitions regularly. Use flashcards for quick revision before the exam.

There are 20 flashcards for पहलवान की ढोलक covering key definitions, formulas, and concepts. Use them daily for 10–15 minutes for best results.

Sources & Official References

Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.