कवित्त (घनानंद)
CBSE · Class 12 · Hindi
Flashcards for कवित्त (घनानंद) — CBSE Class 12 Hindi. Quick Q&A cards covering key concepts, definitions, and formulas.
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Get startedघनानंद किस काल और काव्यधारा के कवि हैं? उनका जीवनकाल क्या था?
Answer
घनानंद रीतिकाल (1643-1843) के रीतिमुक्त या स्वच्छंद काव्यधारा के प्रतिनिधि कवि हैं। उनका जीवनकाल सन् 1673-1760 था। वे दिल्ली के बादशाह मुहम्मद शाह के मीर मुंशी (सचिव) थे।…
घनानंद के जीवन में सुजान का क्या महत्व था? इससे उनके काव्य पर क्या प्रभाव पड़ा?
Answer
सुजान नाम की एक स्त्री से घनानंद का अटूट प्रेम था। उसी के प्रेम के कारण वे बादशाह के दरबार में बे-अदबी कर बैठे और दरबार से निकाले गए। सुजान की बेवफाई ने उन्हें निराश किया। फिर भी वे उसे भूल नहीं पाए औ…
घनानंद को 'साक्षात रसमूर्ति' क्यों कहा गया है?
Answer
घनानंद की रचनाओं में प्रेम का अत्यंत गंभीर, निर्मल, आवेगमय और व्याकुल कर देने वाला उदात्त रूप व्यक्त हुआ है। उनकी कविता में वियोग की पीड़ा इतनी तीव्रता से व्यक्त हुई है कि पाठक स्वयं उस भाव में डूब जा…
घनानंद की काव्य-कला की प्रमुख विशेषताएं क्या हैं?
Answer
घनानंद की काव्य-कला में लाक्षणिकता, वक्रोक्ति, वाग्विदग्धता और अलंकारों का कुशल प्रयोग मिलता है। उनकी कविता में सहजता के साथ वचन-वक्रता का अद्भुत मेल है। भाव की गहराई के साथ कला की बारीकी भी दिखाई देत…
घनानंद की भाषा की विशेषताएं बताइए।
Answer
घनानंद की भाषा परिष्कृत और साहित्यिक ब्रजभाषा है। उसमें कोमलता और मधुरता का चरम विकास दिखाई देता है। भाषा की व्यंजकता बढ़ाने में वे अत्यंत कुशल थे। वे ब्रजभाषा के प्रवीण ही नहीं बल्कि सर्जनात्मक काव्य…
घनानंद की प्रमुख रचनाओं के नाम बताइए।
Answer
घनानंद की प्रमुख रचनाओं में सुजान सागर, विरह लीला, कृपाकंड निबंध, रसकेलि वल्ली आदि हैं। इन रचनाओं में प्रेम और वियोग की गहरी संवेदना व्यक्त हुई है।…
पहले कवित्त की पहली पंक्ति 'बहुत दिनान को अवधि आसपास परे' का भावार्थ क्या है?
Answer
इस पंक्ति का अर्थ है कि बहुत दिनों का समय आस-पास रह गया है। कवि कहना चाहता है कि प्रेमिका के दर्शन के लिए बहुत लंबा समय व्यतीत हो चुका है, लेकिन अभी भी मिलन नहीं हुआ है।…
'खरे अरबरनि भरे हैं उठि जान को' में कवि क्या कहना चाहता है?
Answer
इस पंक्ति में कवि कहता है कि सच्ची बेचैनियों से भरकर प्राण उठ खड़े हुए हैं। यहां 'खरे अरबरनि' का अर्थ सच्ची बेचैनी या व्याकुलता है। प्रेमिका से मिलने की तीव्र इच्छा के कारण कवि के प्राण बेचैन हो रहे ह…
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Sources & Official References
- NCERT Official — ncert.nic.in
- CBSE Academic — cbseacademic.nic.in
- CBSE Official — cbse.gov.in
- National Education Policy 2020 — education.gov.in
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