भरत-राम का प्रेम / पद (तुलसीदास)
CBSE · Class 12 · Hindi
Flashcards for भरत-राम का प्रेम / पद (तुलसीदास) — CBSE Class 12 Hindi. Quick Q&A cards covering key concepts, definitions, and formulas.
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Get startedतुलसीदास का जन्म कब और कहाँ हुआ? उनके जीवन की मुख्य कठिनाइयाँ क्या थीं?
Answer
तुलसीदास का जन्म सन् 1532 में बांदा जिले के राजापुर गांव में हुआ था (कुछ विद्वान सोरों, एटा को भी मानते हैं)। उनका बचपन घोर कष्ट में बीता - माता-पिता से बिछोह, भिक्षाटन करके जीवनयापन, परंतु गुरु नरहरि…
तुलसीदास की प्रमुख रचनाएं कौन सी हैं और उनकी ख्याति का आधार क्या है?
Answer
तुलसीदास की बारह कृतियां प्रामाणिक मानी जाती हैं। मुख्य रचनाएं: रामचरितमानस (अवधी, दोहा-चौपाई), कवितावली (कवित्त-सवैया), गीतावली (पद शैली), विनयपत्रिका। इनमें से रामचरितमानस, कवितावली, गीतावली और विनय…
'मो पर कृपा सनेहु बिसेषी। खेलत खुनिस न कबहूं देखी॥' - इस पंक्ति का भाव स्पष्ट करें।
Answer
भरत कहते हैं कि राम का उन पर विशेष कृपा और स्नेह है। खेलते समय भी राम कभी उदास या रुष्ट नहीं होते। यह पंक्ति राम के उदार और प्रेमपूर्ण स्वभाव को दर्शाती है, जो सदैव भरत के मन की स्थिति का ध्यान रखते थ…
'हारेहुं खेल जितावहिं मोही' - इस कथन का गूढ़ अर्थ क्या है?
Answer
भरत कहते हैं कि खेल में हारने पर भी राम उन्हें जिता देते थे। इसका गहरा अर्थ है कि राम अपने छोटे भाई के मन को दुखाना नहीं चाहते थे। वे अपनी जीत की खुशी से कहीं ज्यादा भरत की प्रसन्नता को महत्व देते थे।…
'फरइ कि कोदव बालि सुसाली। मुकता प्रसव कि संबुक काली॥' - इस पंक्ति का अर्थ और अलंकार बताएं।
Answer
अर्थ: क्या धान के डंठल में कोदो (घटिया अनाज) फल सकता है? क्या काली सीप से मोती निकल सकता है? भरत कहते हैं कि मैं नीच हूं, राम जैसे गुणवान भाई का भाई नहीं हो सकता। अलंकार: असंभावना अलंकार और प्रश्न अलं…
भरत अपने आप को 'महीं सकल अनरथ कर मूला' क्यों कहते हैं?
Answer
भरत स्वयं को धरती पर सभी अनर्थों का मूल कारण मानते हैं क्योंकि उनकी माता कैकेयी के वरदान के कारण ही राम को वनवास हुआ है। वे अपराध-बोध से ग्रसित हैं और समझते हैं कि अयोध्या की सभी समस्याओं का कारण वे ह…
'दरसन तृप्ति न आजु लगि प्रेम पिवासे नैन' - इस दोहे का भावार्थ क्या है?
Answer
भरत कहते हैं कि आज तक उनकी आंखें राम के दर्शन से तृप्त नहीं हुईं। उनके नेत्र प्रेम की प्यास से भरे हुए हैं। स्नेह और संकोच के कारण वे राम से सामने बैठकर बात भी नहीं कर सके। यह प्रेम की गहराई और विनम्र…
पहले पद में माता कौशल्या की मनोस्थिति का वर्णन करें।
Answer
माता कौशल्या राम के धनुष-बाण और सुंदर पादुकाएं देखकर उन्हें बार-बार हृदय से लगाती हैं। वे पहले की तरह राम को जगाने जाती हैं, फिर चौंककर याद आता है कि वे वन चले गए हैं। वे चित्र की तरह स्तब्ध रह जाती ह…
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Sources & Official References
- NCERT Official — ncert.nic.in
- CBSE Academic — cbseacademic.nic.in
- CBSE Official — cbse.gov.in
- National Education Policy 2020 — education.gov.in
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