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Chapter 36 of 37
Flashcards

श्रम विभाजन और जाति-प्रथा / मेरी कल्पना का आदर्श समाज

CBSE · Class 12 · Hindi

Flashcards for श्रम विभाजन और जाति-प्रथा / मेरी कल्पना का आदर्श समाज — CBSE Class 12 Hindi. Quick Q&A cards covering key concepts, definitions, and formulas.

44 questions20 flashcards5 concepts
20 Flashcards
Card 1आंबेडकर का व्यक्तित्व

डॉ. भीमराव आंबेडकर के जीवन का मुख्य संकल्प क्या था जो बचपन में ही निर्धारित हो गया था?

Answer

बालक भीमराव ने अपने अध्यापक से कहा था - 'मैं पढ़-लिख कर वकील बनूंगा, अछूतों के लिए नया कानून बनाऊंगा और छुआछूत को खत्म करूंगा।' यही संकल्प उनके जीवन की मुख्य प्रेरणा बना और उन्होंने अपना पूरा जीवन इसी

Card 2आंबेडकर का दर्शन

आंबेडकर के चिंतन और रचनात्मकता के तीन मुख्य प्रेरक व्यक्ति कौन थे?

Answer

आंबेडकर के चिंतन व रचनात्मकता के तीन मुख्य प्रेरक व्यक्ति थे: 1) बुद्ध - समतावादी दर्शन के लिए, 2) कबीर - सामाजिक सुधार के लिए, 3) ज्योतिबा फुले - दलित उत्थान के लिए। इन्हीं से प्रेरणा लेकर उन्होंने अ

Card 3एनीहिलेशन ऑफ कास्ट

'एनीहिलेशन ऑफ कास्ट' भाषण क्यों प्रसिद्ध है और इसका क्या महत्व है?

Answer

यह भाषण 1936 में जाति-पांति तोड़क मंडल (लाहौर) के लिए तैयार किया गया था। इसकी क्रांतिकारी दृष्टि के कारण सम्मेलन स्थगित हो गया। बाद में आंबेडकर ने इसे पुस्तिका के रूप में प्रकाशित किया जो अत्यंत लोकप्

Card 4जाति-प्रथा की आलोचना

जाति-प्रथा के समर्थकों का मुख्य तर्क क्या है और आंबेडकर इसका क्या खंडन करते हैं?

Answer

समर्थकों का तर्क: जाति-प्रथा श्रम विभाजन का रूप है जो कार्य-कुशलता के लिए आवश्यक है। आंबेडकर का खंडन: जाति-प्रथा केवल श्रम विभाजन नहीं बल्कि 'श्रमिक-विभाजन' भी करती है। यह श्रमिकों का अस्वाभाविक विभाज

Card 5श्रम विभाजन

श्रम विभाजन और जाति-प्रथा में मुख्य अंतर क्या है?

Answer

श्रम विभाजन: व्यक्ति की रुचि, क्षमता और चुनाव पर आधारित होता है। जाति-प्रथा: जन्म के आधार पर व्यवसाय का निर्धारण, व्यक्ति की रुचि या क्षमता का कोई महत्व नहीं। श्रम विभाजन में समानता होती है जबकि जाति-

Card 6जाति-प्रथा की समस्याएं

जाति-प्रथा में व्यवसाय निर्धारण कैसे होता है और इससे क्या समस्याएं उत्पन्न होती हैं?

Answer

व्यवसाय निर्धारण: गर्भाधारण के समय से ही माता-पिता के सामाजिक स्तर के अनुसार व्यवसाय निर्धारित हो जाता है। समस्याएं: 1) व्यक्ति की रुचि और क्षमता की उपेक्षा, 2) जीवन भर एक ही व्यवसाय में बंधना, 3) व्य

Card 7आधुनिक युग में जाति-प्रथा

आंबेडकर के अनुसार आधुनिक युग में जाति-प्रथा क्यों और भी हानिकारक हो गई है?

Answer

आधुनिक युग में उद्योग-धंधों की प्रक्रिया व तकनीक में निरंतर विकास और अकस्मात परिवर्तन होता रहता है। इसके कारण लोगों को अपना व्यवसाय बदलने की आवश्यकता पड़ती है। लेकिन जाति-प्रथा व्यवसाय परिवर्तन की अनु

Card 8पूर्व लेख

'पूर्व लेख' से आंबेडकर का क्या तात्पर्य है और यह कैसे हानिकारक है?

Answer

'पूर्व लेख' का अर्थ जन्म के आधार पर पहले से निर्धारित नियति या भाग्य है। जाति-प्रथा में व्यक्ति का व्यवसाय जन्म से ही निर्धारित होता है। यह हानिकारक है क्योंकि: 1) व्यक्तिगत रुचि और भावना का कोई स्थान

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Frequently Asked Questions

What are the important topics in श्रम विभाजन और जाति-प्रथा / मेरी कल्पना का आदर्श समाज for CBSE Class 12 Hindi?

श्रम विभाजन और जाति-प्रथा / मेरी कल्पना का आदर्श समाज covers several key topics that are frequently asked in CBSE Class 12 board exams. Focus on the core concepts listed on this page and practise related questions to build confidence.

Start by understanding all key concepts. Practise previous year questions from this chapter. Revise formulas and definitions regularly. Use flashcards for quick revision before the exam.

There are 20 flashcards for श्रम विभाजन और जाति-प्रथा / मेरी कल्पना का आदर्श समाज covering key definitions, formulas, and concepts. Use them daily for 10–15 minutes for best results.

Sources & Official References

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