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Chapter 17 of 37
Flashcards

भरत-राम का प्रेम / पद

CBSE · Class 12 · Hindi

Flashcards for भरत-राम का प्रेम / पद — CBSE Class 12 Hindi. Quick Q&A cards covering key concepts, definitions, and formulas.

45 questions20 flashcards5 concepts
20 Flashcards
Card 1कवि परिचय

तुलसीदास का जन्म कब और कहाँ हुआ? उनके जीवन की मुख्य कठिनाइयाँ क्या थीं?

Answer

तुलसीदास का जन्म सन् 1532 में बांदा जिले के राजापुर गांव में हुआ था (कुछ विद्वान सोरों, एटा को भी मानते हैं)। उनका बचपन घोर कष्ट में बीता - माता-पिता से बिछोह, भिक्षाटन करके जीवनयापन, परंतु गुरु नरहरि

Card 2रचनाकर्म

तुलसीदास की प्रमुख रचनाएं कौन सी हैं और उनकी ख्याति का आधार क्या है?

Answer

तुलसीदास की बारह कृतियां प्रामाणिक मानी जाती हैं। मुख्य रचनाएं: रामचरितमानस (अवधी, दोहा-चौपाई), कवितावली (कवित्त-सवैया), गीतावली (पद शैली), विनयपत्रिका। इनमें से रामचरितमानस, कवितावली, गीतावली और विनय

Card 3राम-भरत प्रेम

'मो पर कृपा सनेहु बिसेषी। खेलत खुनिस न कबहूं देखी॥' - इस पंक्ति का भाव स्पष्ट करें।

Answer

भरत कहते हैं कि राम का उन पर विशेष कृपा और स्नेह है। खेलते समय भी राम कभी उदास या रुष्ट नहीं होते। यह पंक्ति राम के उदार और प्रेमपूर्ण स्वभाव को दर्शाती है, जो सदैव भरत के मन की स्थिति का ध्यान रखते थ

Card 4राम-भरत प्रेम

'हारेहुं खेल जितावहिं मोही' - इस कथन का गूढ़ अर्थ क्या है?

Answer

भरत कहते हैं कि खेल में हारने पर भी राम उन्हें जिता देते थे। इसका गहरा अर्थ है कि राम अपने छोटे भाई के मन को दुखाना नहीं चाहते थे। वे अपनी जीत की खुशी से कहीं ज्यादा भरत की प्रसन्नता को महत्व देते थे।

Card 5काव्य-सौंदर्य

'फरइ कि कोदव बालि सुसाली। मुकता प्रसव कि संबुक काली॥' - इस पंक्ति का अर्थ और अलंकार बताएं।

Answer

अर्थ: क्या धान के डंठल में कोदो (घटिया अनाज) फल सकता है? क्या काली सीप से मोती निकल सकता है? भरत कहते हैं कि मैं नीच हूं, राम जैसे गुणवान भाई का भाई नहीं हो सकता। अलंकार: असंभावना अलंकार और प्रश्न अलं

Card 6भरत का चरित्र

भरत अपने आप को 'महीं सकल अनरथ कर मूला' क्यों कहते हैं?

Answer

भरत स्वयं को धरती पर सभी अनर्थों का मूल कारण मानते हैं क्योंकि उनकी माता कैकेयी के वरदान के कारण ही राम को वनवास हुआ है। वे अपराध-बोध से ग्रसित हैं और समझते हैं कि अयोध्या की सभी समस्याओं का कारण वे ह

Card 7प्रेम-भावना

'दरसन तृप्ति न आजु लगि प्रेम पिवासे नैन' - इस दोहे का भावार्थ क्या है?

Answer

भरत कहते हैं कि आज तक उनकी आंखें राम के दर्शन से तृप्त नहीं हुईं। उनके नेत्र प्रेम की प्यास से भरे हुए हैं। स्नेह और संकोच के कारण वे राम से सामने बैठकर बात भी नहीं कर सके। यह प्रेम की गहराई और विनम्र

Card 8मातृ-प्रेम

पहले पद में माता कौशल्या की मनोस्थिति का वर्णन करें।

Answer

माता कौशल्या राम के धनुष-बाण और सुंदर पादुकाएं देखकर उन्हें बार-बार हृदय से लगाती हैं। वे पहले की तरह राम को जगाने जाती हैं, फिर चौंककर याद आता है कि वे वन चले गए हैं। वे चित्र की तरह स्तब्ध रह जाती ह

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Frequently Asked Questions

What are the important topics in भरत-राम का प्रेम / पद for CBSE Class 12 Hindi?

भरत-राम का प्रेम / पद covers several key topics that are frequently asked in CBSE Class 12 board exams. Focus on the core concepts listed on this page and practise related questions to build confidence.

Start by understanding all key concepts. Practise previous year questions from this chapter. Revise formulas and definitions regularly. Use flashcards for quick revision before the exam.

There are 20 flashcards for भरत-राम का प्रेम / पद covering key definitions, formulas, and concepts. Use them daily for 10–15 minutes for best results.

Sources & Official References

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