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Chapter 23 of 37
Flashcards

कवित्त

CBSE · Class 12 · Hindi

Flashcards for कवित्त — CBSE Class 12 Hindi. Quick Q&A cards covering key concepts, definitions, and formulas.

45 questions20 flashcards5 concepts
20 Flashcards
Card 1कवि परिचय

घनानंद किस काल और काव्यधारा के कवि हैं? उनका जीवनकाल क्या था?

Answer

घनानंद रीतिकाल (1643-1843) के रीतिमुक्त या स्वच्छंद काव्यधारा के प्रतिनिधि कवि हैं। उनका जीवनकाल सन् 1673-1760 था। वे दिल्ली के बादशाह मुहम्मद शाह के मीर मुंशी (सचिव) थे।

Card 2व्यक्तिगत जीवन

घनानंद के जीवन में सुजान का क्या महत्व था? इससे उनके काव्य पर क्या प्रभाव पड़ा?

Answer

सुजान नाम की एक स्त्री से घनानंद का अटूट प्रेम था। उसी के प्रेम के कारण वे बादशाह के दरबार में बे-अदबी कर बैठे और दरबार से निकाले गए। सुजान की बेवफाई ने उन्हें निराश किया। फिर भी वे उसे भूल नहीं पाए औ

Card 3काव्य विशेषताएं

घनानंद को 'साक्षात रसमूर्ति' क्यों कहा गया है?

Answer

घनानंद की रचनाओं में प्रेम का अत्यंत गंभीर, निर्मल, आवेगमय और व्याकुल कर देने वाला उदात्त रूप व्यक्त हुआ है। उनकी कविता में वियोग की पीड़ा इतनी तीव्रता से व्यक्त हुई है कि पाठक स्वयं उस भाव में डूब जा

Card 4काव्य-कला

घनानंद की काव्य-कला की प्रमुख विशेषताएं क्या हैं?

Answer

घनानंद की काव्य-कला में लाक्षणिकता, वक्रोक्ति, वाग्विदग्धता और अलंकारों का कुशल प्रयोग मिलता है। उनकी कविता में सहजता के साथ वचन-वक्रता का अद्भुत मेल है। भाव की गहराई के साथ कला की बारीकी भी दिखाई देत

Card 5भाषा-शैली

घनानंद की भाषा की विशेषताएं बताइए।

Answer

घनानंद की भाषा परिष्कृत और साहित्यिक ब्रजभाषा है। उसमें कोमलता और मधुरता का चरम विकास दिखाई देता है। भाषा की व्यंजकता बढ़ाने में वे अत्यंत कुशल थे। वे ब्रजभाषा के प्रवीण ही नहीं बल्कि सर्जनात्मक काव्य

Card 6रचनाएं

घनानंद की प्रमुख रचनाओं के नाम बताइए।

Answer

घनानंद की प्रमुख रचनाओं में सुजान सागर, विरह लीला, कृपाकंड निबंध, रसकेलि वल्ली आदि हैं। इन रचनाओं में प्रेम और वियोग की गहरी संवेदना व्यक्त हुई है।

Card 7काव्य व्याख्या

पहले कवित्त की पहली पंक्ति 'बहुत दिनान को अवधि आसपास परे' का भावार्थ क्या है?

Answer

इस पंक्ति का अर्थ है कि बहुत दिनों का समय आस-पास रह गया है। कवि कहना चाहता है कि प्रेमिका के दर्शन के लिए बहुत लंबा समय व्यतीत हो चुका है, लेकिन अभी भी मिलन नहीं हुआ है।

Card 8काव्य व्याख्या

'खरे अरबरनि भरे हैं उठि जान को' में कवि क्या कहना चाहता है?

Answer

इस पंक्ति में कवि कहता है कि सच्ची बेचैनियों से भरकर प्राण उठ खड़े हुए हैं। यहां 'खरे अरबरनि' का अर्थ सच्ची बेचैनी या व्याकुलता है। प्रेमिका से मिलने की तीव्र इच्छा के कारण कवि के प्राण बेचैन हो रहे ह

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Frequently Asked Questions

What are the important topics in कवित्त for CBSE Class 12 Hindi?

कवित्त covers several key topics that are frequently asked in CBSE Class 12 board exams. Focus on the core concepts listed on this page and practise related questions to build confidence.

Start by understanding all key concepts. Practise previous year questions from this chapter. Revise formulas and definitions regularly. Use flashcards for quick revision before the exam.

There are 20 flashcards for कवित्त covering key definitions, formulas, and concepts. Use them daily for 10–15 minutes for best results.

Sources & Official References

Content is aligned to the official syllabus. Refer to the board website for the latest curriculum.